Thursday , May 13 2021
Home / दुनिया / इस साल 2017 में अखबारों के मुख्य पृष्ठ पर रहीं ये खबरें

इस साल 2017 में अखबारों के मुख्य पृष्ठ पर रहीं ये खबरें

देखते ही देखते ये साल भी बीत गया, इस साल हम कुछ पलों को भूल भी गए लेकिन अगर  यहां देश की बात करें तो कुछ ऐसी घटनाएं हुई जिन्हें आसानी से नहीं भुलाया जा सकता। आइए, एक नजर डालते हैं उन घटनाओं पर जो इस साल अखबारों के मुख्य पृष्ठ पर रहीं…

रोहिंग्या मुसलमान-
इस साल का सबसे चर्चित मुद्दा रहा रोहिंग्या। म्यांमार की चर्चा केवल अब तक सैन्य शासन और आंग सान सू ची के बीच जारी संघर्षों के लेकर होती थी लेकिन देश में सत्ता हस्तांतरण के बाद म्यांमार के अल्पसंख्यक समूह रोहिंग्या मुसलमानों का मुद्दा उठा। बीते अगस्त म्यांमार के रखाइन प्रांत में हुई हिंसा के बाद से ही म्यांमार से बड़ी तादाद में रोहिंग्या मुसलमान पलायन कर रहे हैं. अब तक तकरीबन 4 लाख से भी अधिक रोहिंग्या मुसलमान बांग्लादेश का रुख कर चुके हैं. पिछले हफ्ते ही संयुक्त राष्ट्र ने रोहिंग्या समुदाय के “जातीय सफाये” को लेकर चिंता जाहिर की थी. जिसने म्यामांर की नेता आंग सान सू की का नोबल पुरस्कार तक वापस ले लिया गया।

गाय के नाम पर सबसे ज्यादा हिंसा-
साल 2017 में गोरक्षा के नाम पर होने वाली हिंसा के सबसे अधिक मामले सामने आए हैं। इंडियास्पेंड की रिपोर्ट के मुताबिक इस साल इस तरह की हिंसा के शिकार लोगों की संख्या बढ़कर 11 हो गई है। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि कुल 78 मामलों में से 26 में पुलिस ने पीड़ित के खिलाफ ही केस दर्ज किया है। बताया जाता है कि 2015 तक गोरक्षा के नाम पर हिंसा की 76 फीसदी घटनाएं उत्तर भारत में होती थीं। लेकिन बीते दो वर्षों के दौरान देश के सभी हिस्सों में इस तरह की घटनाएं सामने आई हैं। इस हिंसा में मुस्लिम समुदाय को सबसे ज्यादा शिकार बनाया गया है।

गोरखपुर त्रासदी-
इस साल 63 बच्चों की मौतों ने सबसे ज्यादा विचलित किया। दरअसल, गोरखपुर के बाबा राघवदास मेडिकल कॉलेज में अगस्त माह आक्सीजन की कमी से लगभग 63 से ज्यादा मासूमों की जाने गई। बच्चों की मौत के मामले में बीआरडी मेडिकल कॉलेज के पूर्व प्रिंसिपल राजीव मिश्रा और उनकी पत्नी पूर्णिमा शुक्ला सहित डॉ. कफील खान को गिरफ्तार किया गया।

मैक्स हॉस्पिटल-
22 हफ़्ते के जिंदा नवजात को मृत बताकर माता-पिता को सौंपने के मामले में दिल्ली के मैक्स हॉस्पिटल का लाइसेंस रद्द कर दिया गया। वहीं इस फैसले के बाद दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन  हंगामा खड़े करते हुए कहा 24 हफ्ते से कम के भ्रूण के बचने की उम्मीद नहीं होती. कई बार hypothermia के चलते दिल की धड़कन नहीं पता चल पाती या लौट आती है। ऐसे में यह फैसला लेना डॉक्टरी के पेशे पर सवालिया निशान लगाना है।

कुलभूषण जाधव-
साल 2017 में पाकिस्तान में भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव को कथित जासूसी के मामले में फांसी की सज़ा मिलने के बाद से दोनों देशों में तनाव बढ़ गया था। जाधव को पाकिस्तान ने पिछले साल गिरफ़्तार किया था। बिना आरोप सिद्ध हुए फांसी की सजा सुनाने पर पाकिस्तान की विश्वभर में कड़ी निंदा हुई। मामला अंतराष्ट्रीय न्यायालय में गया जहां भारत की और से पेश गई दलीलों को मानते हुए फांसी पर रोक लगा दी गई।

kisan

जब अन्नदाताओं ने पिया पेशाब-
इस साल देशभर में किसान आंदोलनों के कई रूप देखने को मिले जिनमें से मध्यप्रदेश का उग्र आंदोलन भी सुर्खियों में रहा लेकिन तमिलनाडु के किसानों ने 38 दिनों के अंदर पूरे देश को हिलाकर रख दिया जब उन्होंने हताश होकर खुद का ही पेशाब पिया। गौरतलब है कि तमिलनाडु के किसान केंद्र से कर्जमाफी और वित्तीय सहायता की मांग के साथ धरने पर बैठे थे। इन किसानों की मांग थी कि सरकार उनके लिए सूखा राहत पैकेज जारी करे।

तीन तलाक अवैध घोषित-
सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ ने बहुमत के निर्णय में मुस्लिम समाज में एक बार में तीन बार तलाक देने की प्रथा को निरस्त करते हुए मुस्लिम महिलाओं के हक में ऐतिहासिक फैसला सुनाया। कोर्ट ने अपनी व्यवस्था में इसे असंवैधानिक, गैरकानूनी और शून्य करार दिया। कोर्ट ने कहा कि तीन तलाक की यह प्रथा कुरान के मूल सिद्धांत के खिलाफ है।

निजता का अधिकार-
इस साल राइट टू प्राइवेसी पर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि निजता का अधिकार मौलिक अधिकार है और ये संविधान के आर्टिकल 21 के तहत आता है। सुप्रीम कोर्ट की 9 जजों की संविधान पीठ ने सर्वसम्मति से फैसला लिया। बता दें, सुप्रीम कोर्ट ने 1954 और 1962 में दिए गए फैसलों को पलटते हुए ये फैसला दिया है। दोनों फैसलों में निजता को मौलिक अधिकार नहीं माना गया था।

बाबा गुरमीत राम रहीम-
ये साल डेरा सच्चा सौदा प्रेमियों के लिए अच्छा नहीं रहा। दरअसल, डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को अपनी दो साध्वियों से रेप का दोषी ठहराते हुए राम रहीम को 20 साल की सजा सुनाई गई। इस फैसले के बाद राजस्थान, पंजाब और हरियाणा में हिंसा देखी गई। ये ही नहीं कोर्ट के आदेश के बाद डेरे की सभी संपत्ति को सीज कर लिया गया। लगभग महीनेभर गायब रही हनीप्रीत के पीछे भी काफी बवाल हुआ और आखिरकार हनीप्रीत को भी गिरफ्तार कर लिया।

वर्चुअल करेंसी-
वर्चुअल करेंसी बिटकॉइन काफी सुर्खियों में रहा। इसकी शुरूआत साल 2009 में हुई। बिटकॉइन एक वर्चुअल करेंसी (क्रिप्टो करेंसी) जैसी है जिसे एक ऑनलाइन एक्सचेंज के माध्यम से कोई भी खरीद सकता है। इसकी खरीद-फरोख्त से फायदा लेने के अलावा भुगतान के लिए भी इस्तेमाल किया जाता है। फिलहाल भारत में एक बिटकॉइन की कीमत करीब 65 हजार रुपये है।

ब्लूव्हेल चैलेंज गेम-
यह ऑनलाइन खेल है। जिसका कई देशों में मौजूद होने का दावा किया जा रहा है। इस गेम में कई स्टेज होते है जिनको पार करने लिए 50 दिनों का समय तय किया जाता है और जिसकी अंतिम स्टेज में खिलाड़ी को आत्महत्या करने को कहा जाता है। ये गेम इस साल काफी सुर्खियों में रहा। ये खेल अबतक 50 से ज्यादा बच्चों की जानें ले चुका है। इसका पहला मामला मुम्बई से सामने आया था।

फिल्म पद्मावती-
फिल्म निर्देशक संजय लीला भंसाली की ‘पद्मावती’ पर इस साल बड़ा विवाद हुआ। राजपूत संगठन और राजनीतिक पार्टियों ने फिल्म  का जमकर विरोध किया। उनका मानना है कि फिल्म में इतिहास को गलत तरीके से दिखाया गया है। करणी सेना के कुछ लोगों ने संजय लीला भंसाली का सिर कलम करने और दीपिका पादुकोण की नाक काटने तक की धमकी दे डाली। बता दें इस फिल्म को उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश, राजस्थान बिहार, गुजरात आदि राज्यों में बैन कर दी गई। अब बताया जा रहा है कि ये फिल्म फरवरी 2018 में रिलीज हो सकती है। हालांकि अभी मेकर्स ने इसकी पुष्ठि नहीं की है।

रायबरेली थर्मल पावर में बड़ा हादसा-
इस साल यूपी में रायबरेली के ऊंचाहार थाना क्षेत्र स्थित एनटीपीसी (नेशनल थर्मल पावर कॉर्पोरेशन) प्लांट में बड़ा हादसा हुआ।  एनटीपीसी में 500 मेगावॉट की यूनिट नंबर 6 के बॉयलर का स्टीम पाइप फटने से हुए इस हादसे में लगभग 20 लोगों की मौत हुई। इस दर्दनाक हादसे में 200 से ज्यादा वर्कर्स के घायल हुए।

आर्म्स एक्ट से बरी हुए सलमान खान-
इस साल की शुरूआत में जोधपुर की अदालत ने सलमान खान को आर्म्स एक्ट के मामले में बरी कर दिया है। न्यायिक मजिस्ट्रेट (जोधपुर जिला) दलपत सिंह राजपुरोहित ने सलमान को शस्‍त्र अधिनियम उल्‍लंघन मामले में संदेह का लाभ देते हुए बरी करने के आदेश दिए थे।

isro

इसरो ने रचा इतिहास-
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने पीएसएलवी-सी37 से एक साथ 104 उपग्रह प्रक्षेपित कर नया इतिहास रचा। भारत विश्व में पहला ऐसा देश बन गया जहां उसने एक रॉकेट से 104 सैटेलाइट को अंतरिक्ष में भेजने में सफल रहा। इससे पहले ये रिकॉर्ड 37 उपग्रहों के साथ रूस के नाम था।

उत्तर कोरिया का मिसाइल परीक्षण-
उत्तर कोरिया इस साल अपने मिसाइल परीक्षण के कारण काफी सुर्खियों में रहा। जापान और अमेरिका इसे अपने लिए खतरा बता चुके हैं। वहीं उत्तर कोरिया हमले की चेतावनी दे रहा है। बता दें उत्तर कोरिया पर संयुक्त राष्ट्र का प्रतिबंध जारी है। इसके बावजूद उसका मिसाइल परीक्षण थम नहीं रहा है। हर एक प्रतिबंध के बाद उत्तर कोरिया और आक्रामक होकर सामने आता रहा है।

यरूशलम-
साल के अंत में आते-आते अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप फिर आलोचना का शिकार हुए। इस बार तो उनके फैसले ने हिंसा का रूप लिया। दरअसल, यरूशलम को इजरायल की राजधानी घोषित करने के बाद ट्रंप की चारों तरफ कड़ी आलोचना हुई।

स्पेन से अलग हुआ कैटेलोनिया-
कई सालों से अपनी आजादी के लिए जंग लड़ रहा कैटेलोनिया आखिरकार अक्टूबर में स्पेन से अलग होकर एक नया देश बन गया। कैटेलोनिया स्पेन का अर्द्ध-स्वायत्त उत्तरी क्षेत्र है और यहां स्पेन की कुल आबादी का 16 फीसदी लोग रहते हैं। कैटेलोनिया का स्पेन की अर्थव्यवस्था में करीब 20 फीसदी का योगदान है। कैटेलोनिया की आजादी के पक्ष में 90 फीसदी लोगों ने अपनी राय दी।

मध्य प्रदेश की ताजा खबरें- यहां क्लिक करें

About admin-star

Check Also

डॉ. अर्जुन एशियाई शिक्षा पुरस्कार से विभूषित

स्टार भास्कर डेस्क/शैलेष दुबे/जबलपुर@ सम्मान के लिए एशिया व इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में अपना …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *