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संस्कारधानी मे दिखी पूर्वांचल की झलक

स्टार भास्कर डेस्क/जबलपुर@ लोक आस्था के महापर्व छठ के तीसरे दिन शुक्रवार को व्रती महिलाओं ने अस्ताचलगामी सूर्य को पहला अर्घ्य दिया। संस्कारधानी में छठ महापर्व की आस्था का ऐसा संगम दिखा कि पूरा नगर ही पूर्वांचलमय लगने लगा। इससे पहले व्रतियों ने गुरुवार को सूर्य के ढलने के बाद प्रसाद के लिए मिट्टी के चूल्हे पर आम की लकड़ियां से गुड़ व चावल की खीर (रसियाव) व रोटियां बनाई। जिस जगह सूप से अर्घ्य दिया गया उसी जगह रसियाव व रोटी केले के पत्ते पर स्वच्छ स्थान पर रखकर विधिवत पूजा अर्चना की। इस दौरान लोगों ने जीवनदाता सूर्य और प्रकृति की उपासना के महापर्व छठ पर नगरवासियों को अनंत शुभकामनाएं दीं। मान्यता के अनुसार छठी मईया इस दौरान मायके आती हैं। लिहाजा निकाले गए नेवज पर सिंदूर लगाया जाता है। घरों में छठी मईया का लोकगीत गाकर श्रद्धाभक्ति से व्रतियों ने पूजा की। घाट से लौटने के बाद शाम को परिवार के पुरुष सदस्यों ने कोशी जलाया। इसमें हर गन्ने के पास मिट्टी के बर्तन में प्रसाद रखा जाता है और दीप जलाया जाता है। मिट्टी के हाथी के सामने अनाज रख दिया जाता है। फिर इसी कोशी को आज शनिवार को छठ घाट पर ले जाकर पूजन किया जाएगा। इसके बाद व्रती उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देंगे। छठ घाट पर पूजा-अर्चना के बाद ही प्रसाद ग्रहण करने के बाद महिलाएं आहार ग्रहण करेंगी।


शहर में 18 से अधिक स्थानों पर छठ पूजा आयोजित की गई। दोपहर बाद से ही छठव्रती महिलाएं एवं उनके पति, पुत्र सिर पर पूजा सामग्री टोकरी रखकर पूजा स्थल पर पहुंचने लगे। महिलाएं हाजीपुर में लागे ला बजरिया उईमे केरवा बिकाय, हालि देना प्रभु केरवा भईले आरधा के बेर, जोड़ा नारियलवा लेहले ऊषादेवी पुकारे लिऊगीं न सूरजमल भईले भिनसार, कांच ही बास के बहिगियां बहिनी लचकती जा, भरही त होखे ले राजेश भैया हू भार घाटे पहुंचाय, केरखा जो मंगलो शहर से बालक देले जुठियाई, रोईली बालक के मम्मी बियोग से रुरग कैसे दियाई, चुप होख तिवई से चुप होख अरग लेवो तुहार, बालक हउये हमार, परनाके हये पालक पुड़ी ये बनारस येसेन घाट छट्ठी के चढइयों जोड़ा नारियल पुंजियन मनवा के आंस। रास्ते में भोजपुरी गीत गाते हुए महिलाएं अपनी बनाई हुई बेदी में हाथ निर्मित ठेहुआ, खजूर एवं ताजे फलों से भरी हुई टोकरी, जिसमें चारों तरफ गन्ने लगे हुए थे नदी में उतरकर कमर तक पानी में डूब कर अस्तांचल सूर्य भगवान की पूजा करती रहीं और भगवान सूर्य को प्रथम अर्ध्य दिया। शहर की सभी दिशाओं में छठ मैया की जय और भोजपुरी गीत गूंजते रहे। संस्कारधानी का वातावरण पूर्वांचल जैसा लग रहा था। शहर में चारों तरफ यही नजारा था। मानों संस्कारधानी पूर्वांचल मय हो गई। व्रतियों ने बनाया ठेकुआ, दिन भर चली खरीददारी : छठ पर्व का मुख्य प्रसाद ठेकुआ और टिकरी घरों में बनाया गया। अर्घ्य देते समय इस प्रसाद का विशेष महत्व होता है। आटा, गुड़ वाले ठेकुआ को शुद्घ घी में तैयार किया जाता है। इसके अलावा पूजा में सूप, दऊरा, कोशी, गन्ना, सूथनी, मूली, अदरक, सिंदूर समेत अन्य इस्तेमाल में आने वाले पूजा सामग्री की खरीदारी की गई। फिर इसे घर लाकर पूरी शुद्घता के साथ साफ कर व्रत वाले घरों में रखा गया।

यहांं हुए मुख्य आयोजन : ग्वारीघाट, तिलवारा घाट, अधारताल तालाब, हनुमानताल तालाब, मानेगांव तालाब और पुराना कंचनपुर तालाब में मुख्य आयोजन हुआ, यहां बड़ी संख्या मे श्रध्दालु बड़ी संख्या मे शामिल हुए।

कोरोना के चलते श्रध्दालुओं ने नही की सार्वजनिक पूजा : कोरोना संक्रमण काल मे महाकौशल नगर आधरताल में अंतिम समय पर छठ व्रतियों ने अपने- अपने धर से पूजा करने का सामूहिक निर्णय लिया। इस दौरान समिति के विजय यादव, कमल सिंह, श्रीमती शांति सिंह, शशि भूषण सिंह, राजेश्वर सिंह चौहान, पवन सोनी, दिनेश सिंह, आशुतोष सक्सेना आदि उपस्थित थे।

सूर्य भगवान की महाआरती का आयोजन : अधारताल तालाब में सूर्य भगवान की 108 दीपों की महाआरती हुई एवं छठ व्रती महिलाओं को समिति के द्वारा फलों की टोकरी भेंट की गई। इस अवसर पर विधायक लखन घंघोरिया एवं अशोक रोहाणी, महासंघ के अध्यक्ष कामेश्वर शर्मा संरक्षक डॉ. राजेश जायसवाल, माया शंकर सिंह, संजय मिश्रा, उप्र सेवा संघ के संरक्षक अध्यक्ष बनारसी यादव, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष भारतसिंह यादव,पूर्व पार्षद सर्वेश मिश्रा, राजीव सिंह, श्यामनारायण कनौजिया, लक्ष्मी शुक्ला, देवेन्द्र यादव आदि उपस्थित थे।

थर्मल स्केनिंग के साथ कंचनपुर तालाब में प्रवेश: कंचनपुर तालाब में कंचनपुर युग सेवा समिति एवं संदीप राठौर मित्रमंडल द्वारा श्रद्धालुओं कि थर्मल स्केनिंग कि गई एवं सेनेटाइजर मास्क का वितरण किया गया। कार्यक्रम में विधायक अशोक रोहाणी संदीप राठौर, योगेश सिंह, प्रसन्न उपाध्याय, पवित्र कटियार, मोनू पटेल , आनंद पटेल, विनोद सिंह, सुम्मी सुनेने, सविता राठौर, अभिषेक दुबे, चंदन पटैल, राहुल पटैल, प्रशांत कटियार, सुभांकर शाह, संजय यादव, नवीन पटैल, अतुल रजक, सागर विश्वकर्मा, आशीष राठौर, सतीश गुप्ता, राजेश सिंह, लंलन सिंह, सोभित पासी, अंकित सिंह, सोनू श्रीवास्तव, आशीष वर्मा, सचिन यादव, करण यादव, मीलू सिंह, बबलू सिंह, गुलशन, विरेन्द्र साहू, सुदीप राठौर, लक्ष्मी कुशवाहा, ऊषा सिंह, किरण गोंटिया आदि उपस्थित रहे।

तिलवारा घाट: एड. मनोज सिंह, संजय चौबे, बृजेश चौबे, केएल ठाकुर, अनिल चौबे, रोहित ठाकुर, टीएल ठाकुर, दया चौबे आदि उपस्थित थे।

मानेगांव तालाब : चंदू दुबे, मनोज सिंह, आरपी सिन्हा, देव प्रकाश, राकेश रंजन, विजय सिंह, संतोष सिंह, वीरेन्द्र सिंह आदि उपस्थित रहे।

उदयनगर तालाब: अरविंद ओझा, ओमप्रकाश तिवारी आदि उपस्थित थे।

तीन पुलिया हनुमान मंदिर: श्रीमती ऊषा सिंह, श्रीमती कुसुम गौंड, श्रीमती कृष्णा राय, श्रीमती मीना शर्मा, श्रीमती सविता शर्मा, श्रीमती शांति गौंड, श्रीमती ललिता शर्मा आदि उपस्थित थे।

हाउसिंग बोर्ड कालोनी महाराजपुर: राजीव सिंह, जगन्नाथ गुप्ता, रविन्द्र राय, प्रीति शुक्ला, रंजना मिश्रा, अर्चना मिश्रा, कांती ठाकुर, रेखा मिश्रा, रतना सिंह, आशा गौतम, गीता पटैल, कविता सिंह, अजय सिंह, डा. सुभाष तिवारी, जनार्दन गुप्ता, आरके विश्वकर्मा, सीएल गौतम, यतीश द्विवेदी, रवींद्र राय, डीडी पांडे, केसी शर्मा और रतन पांडे आदि उपस्थित थे।

चांदमारी तलैया, चौबे किराना: उषा चौबे, प्रमिला चौबे, विजय चौबे, रेखा चौबे, पूनम शर्मा, मंंजू शर्मा, सुनीता शर्मा, इंदु शर्मा, अंजना शर्मा, सुनीता चौबे, सविता शर्मा, शीला शर्मा, जगदीश चौबे, अजय उपाध्याय, रामेश्वर शर्मा, अजय शर्मा आदि उपस्थित थे।

गुलौआ चौक पानी की टंकी के पास, संजीवनी नगर शाही तालाब: पार्षद संजय राठौर, भानू प्रताप सिंह, रितेश पांडे, राकेश सिंह, मनीष तिवारी अरुण जैन, अनिल शाह, आदित्य, नमन, राजाए विवेक, शुभम आदि मौजूद रहे।

संजय नगर यादव कालोनी: गजानंद गुप्ता, मनीष पाण्डे, रामावतार, विनय पंडित, सुग्रीव शर्मा आदि उपस्थित थे।

सेल्फी का चलता रहा दौर: छठ पूजा के समय युवाओं की टोली में अदभुत उत्साह देखने को मिला और परिवार और मित्रों के साथ मिलकर सेल्फी लेने में वयस्त दिखे। वही अनेक लोगों ने पूजन का वीडियो बनाया और परिवार के साथ फोटो क्लिक करके यादों को संजोया।

जमकर चले पटाखे: छठ पूजन के साथ ही जलाशयों में जमकर बच्चों-बड़ों ने पटाखे जलाए। इस दौरान खुशनुमा माहौल में सभी अपने तरीके से खुशियां मनाने में मशगूल दिख रहे थे। पटाखे, फुलझड़ियां और चकरी जैसी आतिशबाजी के बीच युवा तबका भी पूजन करने के बाद पटाखे जलाते दिखाई दिए।

मंच से किया स्वागत: अधारताल तालाब के पास ही छठ पूचन के लिए पहुंचने वाली व्रतियों एवं उनके पारिवारिक सदस्यों के स्वागत के लिए मंच बनाया गया था। जहां से पूजन के समय व अन्य के बारे में एनाउंसमेंट किया जा रहा था। अंत में मंच से ही सभी व्रतियों के लिए नि:शुल्क दूध की व्यवस्था भी की गई।

खचाखच भरा तालाब: आम तौर पर तो अधारताल तालाब की ओर ज्यादातर कोई रूख नहीं करता। पर छठ मैया को अर्ध देने के लिए सभी व्रतियां व उनका परिवार अधारताल तालाब पहुंचे। सभी के पहुंचने से अधारताल तालाब खचाखच भर गया। अंत में निकलते समय वाहनो के काफिले से जाम भी लगा।

सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराने जुटे रहे कार्यकर्ता : कोरोना काल मे हो रही छठ पूजा मे संक्रमण का भय स्पष्ट नजर आया। पुजा स्थलों पर महासंघ के कार्यकर्ताओं ने सोशल डिस्टेंसिंग का आवहान करते हुए मोर्चा संभाला

ग्वारीघाट में छठ पूजा में विभिन्न राजनेतिक दलो समातिक संघठनो के साथ अनेक प्रशासनिक अधिकारी एवं हजारा की संख्या में छठव्रती एवं भक्तगण गण शामिल हुए।

विभिन्न पूजा स्थलों पर उत्तरप्रदेश-बिहार महासंघ, उत्तरप्रदेश सेवा संघ, बिहार-उत्तरप्रदेश युवा महासंघ, पूर्वांचल सांस्कृतिक संघ एवं क्षेत्रिय समितियों के द्वारा श्रद्धालुओं के लिए व्यवस्था की गई।

(रिपोर्ट@अमित सोनी,जबलपुर)

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